Equity Meaning in Hindi

इक्विटी अर्थात हिस्सेदारी।

जब बात वित्तीय अर्थ (financial language) की आती है तो equity in hindi को संक्षेप में हम इस तरह कह सकते हैं कि, किसी कंपनी में आपकी हिस्सेदारी’ आपका हिस्सा या यूं कहें आपका शेयर।

इस तरह आप किसी कंपनी की equities में निवेश कर के उस कंपनी के कुछ अंश में हिस्सेदारी या मालिकाना हक प्राप्त कर लेते हैं।

What is Equity in hindi की सारी विस्तृत जानकारी आगे के लेख मिल जायेगी। इस चरण में सबसे पहले हम ये समझने का प्रयत्न करते हैं कि What is equity meaning in hindi?

इक्विटी क्या होती है? | What is Equity?

अगर किसी कंपनी में आपने अपना पैसा लगाया हुआ है मतलब उसके शेयर्स खरीदे हैं तो इसका मतलब है उस कंपनी में आपकी हिस्सेदारी है, आपकी इक्विटी है। आसान भाषा में आप ऐसा भी कह सकते है की आप उस कंपनी के आंशिक मालिक हैं। 

Equity in Hindi अर्थात वो रकम जो आप कोई भी बिजनेस शुरू करने से पहले लगाते हैं। कंपनी की सारी लाइबिलिटी को घटाने के बाद बचा हुआ असेट ही इक्विटी कहा जाता है।

उदाहरण के तौर पर आप अगर 1 करोड़ की कंपनी  शुरू करते हैं जिसमे 40 लाख आपने लगाए हैं और बाकी 60 लाख लोन है तो उस कंपनी में आपकी हिस्सेदारी केवल 40% मानी जायेगी।

Equity shares meaning in hindi को विस्तृत रूप से हम आगे के लेख में जानेंगे।

Equity Shares Meaning in Hindi

सबसे ज्यादा चर्चित और प्रचलित शेयर इक्विटी शेयर ही हैं। इक्विटी शेयर किसी भी कंपनी में आपके मालिकाना हक का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके होल्डर को आम तौर पर कंपनी के महत्त्वपूर्ण फैसलों पर वोट देने का अधिकार होता है। इन शेयर्स को खुले बाजार में खरीदा या बेचा भी जा सकता है।और इनका लाभांश तय नहीं होता।

कम्पनी अपने सभी कर्ज व कर्ज का ब्याज तथा प्रेफरेंस शेयरहोल्डरों की बकाया रकम चुकाने के बाद इक्विटी शेयर होल्डरों को लाभांश के साथ मूलधन वापस देती है। 

कंपनी को ज्यादा बड़ा फायदा होने पर सबसे ज्यादा फायदा इक्विटी शेयर होल्डरों को होता है। उस के विपरीत कंपनी के डूब जाने या फिर नुकसान होने पर सबसे ज्यादा नुकसान भी इक्विटी शेयर होल्डरों को होता है। साधारण भाषा में Equity shares meaning in hindi शेयर का वो प्रकार जिसमे आप का कंपनी में एक आंशिक हिस्सा हो उसके profit में भी और loss में भी।

Equity meaning in hindi  और equity shares meaning in hindi के बाद अगले चरण में हम equity shares के मुख्य प्रकार के बारे में जानेंगे।

इक्विटी के प्रकार

Ordinary shares :  ये वो शेयर्स हैं जो कंपनी अपना फंड बढ़ाने के लिए जारी करती है। इसमें निवेशक को वोटिंग का अधिकार होता है।

Preference shares : ये वो शेयर्स हैं जिनके निवेशकों को आर्डिनरी से पहले लाभ का हिस्सा पाने का अधिकार होता है। इन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं होता। 

Bonus shares : कंपनी जब अपने प्रॉफिट को शेयर्स के रूप में बांटने का निर्णय लेती है उसे ही बोनस शेयर कहते हैं

Rights shares: ये शेयर सबके लिए नहीं होते। कंपनी इसे प्रीमियम इन्वेस्टर्स को ही देती है। इसका उद्देश्य कंपनी के फंड्स को बढ़ाना होता है

Sweat equity shares : कंपनी के डायरेक्टर और कर्मचारियों को अच्छे काम और कंपनी के प्रति वफादारी के पुरस्कार स्वरूप डिस्काउंट रेट में जो शेयर दिए जाते हैं उसे स्वेट शेयर कहा जाता है।

Equity in hindi तथा equity shares meaning in Hindi की जानकारी बाद ये आवश्यक है की हमें उसके लाभ के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी हो। इसके लाभ निम्नलिखित हैं:

इक्विटी शेयर के लाभ

Permanent shares : ये शेयर कंपनी के अंत तक कंपनी के असेट के रूप में कंपनी के पास होते हैं।

Huge return : इन शेयर्स की सबसे बड़ी विशेषता ये होती है की ये अपने इन्वेस्टर को अच्छा रिटर्न देते हैं। हां इसमें रिस्क भी होता है परंतु ये एक अच्छा ऑप्शन होते हैं निवेश करने का।

Dividend : इस शेयर के होल्डर कंपनी का प्रॉफिट भी बांट सकते हैं जिसे डिविडेंड कहा जाता है।

हर कंपनी बाध्य नहीं होती मगर कई कंपनियां हर साल अपना प्रॉफिट डिविडेंड के रूप में इन शेयर होल्डर्स को देती है।

Right to vote : इस शेयर के मालिकों को वोट देने का अधिकार होता है जिससे वे कंपनी के बड़े फैसलों में भागीदार बन सकते हैं।

Additional profit : कंपनी को जब कभी ज्यादा प्रॉफिट होता है तो इस शेयर के होल्डर को इसका फायदा मिलता है

Liquidity  : ये शेयर बड़ी आसानी से स्टॉक मार्केट में खरीदे और बेचे जा सकते हैं।

Limited liability : जब कभी कंपनी को नुकसान होता है तो आर्डिनरी शेयर होल्डर को चिंता करने की जरूरत नहीं होती। बस कई बार शेयर के दाम में गिरावट की वजह से थोड़ा फर्क पड़ता है।

निष्कर्ष

Equity in hindi तथा equity shares meaning in hindi के बारे में जानने के बाद हमें इनसे जुड़े जोखिम भी पता होना चाहिए। जब इक्विटी शेयरों में निवेश करने की बात आती है, तो इसमें शामिल जोखिमों और संभावित रिटर्न को समझना महत्वपूर्ण है। इक्विटी में निवेश करके, आप कंपनी के एक हिस्से के मालिक जरूर बन जाते हैं और अगर कंपनी अच्छा प्रदर्शन करती है तो लाभांश और पूंजीगत लाभ भी अर्जित करते हैं। आपको वोट करने का और कंपनी के बड़े फैसले लेने का अधिकार भी मिल जाता है।

हालांकि, जोखिम हमेशा होता है कि स्टॉक की कीमत गिर सकती है, जिससे आपको निवेश पर नुकसान हो सकता है। कंपनी के सारे लाइबिलिटी को खत्म करने के बाद ही इस निवेश पर रिटर्न का भुगतान किया जाता है।

हो सकता है आर्थिक अवस्था बदलने पर इनमे उतार चढ़ाव देखने को मिले मगर अर्थव्यवस्था के सुधरते ही इनमे तेजी से उछाल भी आता है जो निवेशक के लिए लाभकारी सिद्ध होता है।

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